कोरोना संदिग्ध होने के बाद भी घूम रहे टीके की जगह टोटके का सहारा - Aaj Tak News

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कोरोना संदिग्ध होने के बाद भी घूम रहे टीके की जगह टोटके का सहारा

भोपाल से संतोष जैन व इंद्रजीत कोष्‍टा की रिपोर्ट -

कोरोना संदिग्ध होने के बाद भी घूम रहे टीके की जगह टोटके का सहारा
ग्राम पंचायतों में 1 .20 लाख संदिग्ध मरीजों में से सिर्फ 25000 और कवारटीन सेंटर में
कलेक्टर तुरंत करें संविदा भर्ती
ओम आइसोलेशन की व्यवस्था नहीं


प्रदेश की ग्राम पंचायतों में लगभग 1. 20लाख लोग ऐसे हैं जिनमें कोरोना के लक्षण हैं यानीं यह संदिग्ध मरीज हैं इनमें से 25000 लोग अस्पतालों और पंचायतों के करंटइन सेंटर में भर्ती है बाकी के 79% से ज्यादा संदिग्ध घरों में है या corona. प्रोटोकॉल को तोड़ते हुए घूम रहे हैं यह बाजारों में भी जाते हैं और कार्यक्रमों में भी शामिल हो रहे हैं कई गांव में पंचायतों की प्रशासन की सख्ती भी बेअसर है कई ग्रामीण ऐसे भी हैं जिनकी जांच रिपोर्ट अभी नहीं आई है ऐसे में संक्रमण फैलने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता उधर कोरोना कई गांवों के लोग जागरुक नहीं है या सब कुछ जानने के बाद भी विश्वास नहीं कर रहे संक्रमण से बचने टोटके पर भरोसा कर रहे हैं

कलेक्टर तुरंत करें संविदा भर्ती मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान

कोरोना संक्रमण के पहले चलते प्रदेश में जिन अस्पतालों में चिकित्सा स्टाफ की कमी है वहां कलेक्टर संविदा पर तुरंत भर्ती करें प्रदेश में ऑक्सीजन प्लांट शीघ्र लग जाए सीटी स्कैन मशीन भी जल्दी चालू हो उन्होंने कहा कि ब्लैक फंगस के उपचार के लिए अस्पतालों को एडवाइजरी जारी करें निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार इलाज किया जाए