मध्यप्रदेश के गांव गांव फूंके जाएंगे मोदी अमितशाह अंबानी अडानी के पुतले - Aaj Tak News

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मध्यप्रदेश के गांव गांव फूंके जाएंगे मोदी अमितशाह अंबानी अडानी के पुतले

सिवनी से अब्दुल अहद की रिपोर्ट -

केंद्र सरकार द्वारा किसान आंदोलन को दमन की आशंका
मध्यप्रदेश के गांव गांव फूंके जाएंगे मोदी अमितशाह अंबानी अडानी के पुतले
सँयुक्त किसान मोर्चा को मिला लाइव किसान महापंचायत में सुझाव बनी सहमति
किसानों से तैयार रहने की अपील

सिवनी/ सँयुक्त किसान मोर्चा में शामिल मध्यप्रदेश के विभिन्न किसान संगठनों की आज लाइव ज़ूम पर किसान महापंचायत का आयोजन 11 बजे से 2 बजे तक संपन्न हुआ ।जिसमें सिवनी जिले से अधिकृत मीडिया प्रभारी राजेश पटेल, जिला पर्यावरण वाहिनी समिति के सदस्य ईश्वरसिंह राजपूत , किरण प्रकाश सहित अन्य साथियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता बादल सरोज ने की प्रमुख रुप से वक्ताओं में राजेश पटेल,शिव सिंह, संदीप ठाकुर ,स्वरूप नायक,मुकेश भगोरिया, बादल सरोज,दिलीप शर्मा,अरविंद दतिया, बाबूलाल पटेल, पहलाद बैरागी, दिलीप शर्मा,अमोल सुरेशरोजी गुरवे, घनश्याम नागवंशी बाबूसिंह राजपूत,सोनू शर्मा, राजकुमार सिंन्हा, महेंद्र सिंह गुर्जर, कृपाल मंडलोई, रमन शर्मा,विजय कुमार,रामनारायण, इरफान जाफरी,राहुल संवाद , नर्मदा बचाओ आंदोलन की नेता ताई सुश्री मेघा पाटकर ,आराधना भार्गव ,भगवत परिहार,डॉ. सुनीलम ,किसान नेता राहुल राज ,सहित अन्य वक्ताओं ने संबोधित करते हुए अपने सुझाव दिए।

उल्लेखनीय हो कि कोरोना महामारी के संकटकाल में आपदा में अवसर का लाभ उठाते हुए केंद्र की मोदी सरकार ने उधोगपति मित्रों को लाभ पहुचाँने के लिए असंसदीय असंवैधानिक तरीके से तीन किसान विरोधी बिल लाकर किसानों की मौत का वारेंट तैयार किया है जिसके कारण कानून वापसी व न्यूनतम समर्थन मूल्य गैरंटी कानून बनाने की मांग को लेकर विगत साढ़े चार 4 माह से अधिक समय से पूरे देश का किसान आंदोलनरत है किसानों के माथे चिंता की लकीरें है उपज के दाम तो छोड़िए लागत मूल्य नही निकल पा रहा जिसके चलते किसान कर्ज के बोझ में फंसते चला जा रहा है। रसायनिक खादों दवाई डीजल पैट्रोल के दाम सहित खाद तेल जो मोदी जी के मित्रों के अधीनस्थ लगभग हो चुका है।Gst के बाहर होने के बाबजूद एक साल में 80%बढ़ गए। बाबजूद विपक्ष में रहते तत्कालीन केंद्र की मनमोहन सरकार को आये दिन महँगाई के मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन करने वाली भाजपा और वर्तमान की मोदी सरकार जनता से किये लोकलुभावन वादे बहुत हुई महँगाई की मार अबकी बार मोदी सरकार के नारे के साथ सत्ता में आने के बाद ना महँगाई पर लगाम लगाने में विफल हो चुकी है।और अपने तानाशाही रवैये में मशरूक है।

देश मे कोरोना जैसी महा मारी के बढ़ते प्रकोप प्रदेश सहित देश की ध्वस्त स्वास्थ्य व्यवस्था को संज्ञान में लेकर रणनीति से लोगों की जान बचाने के बजाय चुनावी रैलीयों में व्यस्त है ।किसान आंदोलन के प्रमुख किसान नेताओं और आमजन में फैल रही जनचर्चाओं के मुताबिक कोरोना महामारी को मुद्दा बनाकर पश्चिम बंगाल के अंतिम चरण के चुनाव होते ही किसानों के आंदोलन को कुचलने का पूरा षड्यंत्र कर सकती है। जिसकी आशंका प्रबल दिखाई दे रही है जो भारतीय संविधान में दिए प्रदत्त अधिकारों का हनन है।

ऐसी स्थिति में सँयुक्त किसान मोर्चा की 7 सदस्यी टीम जिसका विस्तार करते हुए अब 9 सदस्यी हो गई है ने चिंता व्यक्त करते हुए समस्त किसान आंदोलन में सहयोगी संगठनों से सुझाव मांगा था इसी के तहत मध्यप्रदेश में लाइव किसान महापंचायत में सुझाव लिए जाकर सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यदि केंद्र सरकार किसानों के आंदोलन को कुचलने का प्रयास करती है तो मध्यप्रदेश के गांव गांव में मोदी अमितशाह अडानी अंबानी के पुतले फूंके जाएंगे इसके लिए किसानों के संगठन सहित समर्थकों से तैयार रहने की अपील की है।

सिवनी में किसान आंदोलन के मीडिया प्रभारी राजेश पटेल ने बताया कि आज की सफल महापंचायत में और भी कई विभिन्न मुद्दों जैसे गेंहू उपार्जन केंद्रों में किसानों के ट्रैक्टर की लंबी लंबी लाइन ।लाइन आने के बाद सेंपल को फैल कर देना वही रिश्वतखोर सेंटिग बाजों का रिश्वत के सहारे सैम्पल पास फैल कर देना, कोविड मरीजों की डेथ वाडी अंतिम संस्कार के स्थान पर व्यवस्थाओं का अभाव ,फसलों के अवशेषों को सड़ाने कोई कार्ययोजना सरकार की ओर से ना होना आदि आदि पर सुझाव व आपसी सहमति के बाद जमीन में कार्यान्वित करने की रणनीति बनी है जिसे आज से ही जमीन पर युद्व स्तर पर क्रियान्वित करने की अपेक्षा की गई है।