कोरोना संक्रमितों व मृतकों की जानकारी छिपा रही सरकार ,कोविड के इलाज के लिए नही किये गए पर्याप्त इंतजाम - जुगल शर्मा - Aaj Tak News

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कोरोना संक्रमितों व मृतकों की जानकारी छिपा रही सरकार ,कोविड के इलाज के लिए नही किये गए पर्याप्त इंतजाम - जुगल शर्मा



जबलपुर से संतोष जैन की रिपोर्ट -

जिला कांग्रेस उपाध्यछ जुगल शर्मा ने मीडिया से चर्चा करते हुए सरकार और प्रशासन के ऊपर गम्भीर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार कोरोना पॉजिटिव मरीजो की संख्या की जानकारी छिपा रही है तथा जिले में कोविड के मरीजो के इलाज के लिए किये गए इंतजाम नाकाफी साबित होते जा रहे है ! उन्होंने बताया कि मेडिकल विशेषज्ञों का मानना है कि कोरोना संक्रमित व्यक्ति को आगे चलकर कई तरह की बीमारियों का सामना करना पड़ सकता है। संक्रमितों को चाहिए कि वे कोरोना जांच रिपोर्ट को संभालकर रखे तथा जब भी चिकित्सक के पास जाए तो उनके समक्ष सर्वप्रथम कोरोना की जांच रिपोर्ट ही रखे। क्योकि चिकित्सक उसी रिपोर्ट के आधार पर ईलाज करेंगे।

कांग्रेस उपाध्यछ श्री शर्मा ने कहा कि हमे जानकारी मिली है कि कोरोना जांच केंद्रों व अस्पतालों में बिना रजिस्ट्रेशन कोरोना जांच की जा रही है तथा मरीजो को बिना रिपोर्ट दिए ,मौखिक रूप से बता दिया जा रहा है कि वे कोरोना पॉजिटिव है या निगेटिव। प्रशासन कोरोना संक्रमितों के सही आंकड़े को छिपाने के लिए ऐसे घातक कदम उठा रहा है,जो एक साजिश का हिस्सा हो सकता है । इससे कोरोना जांच के लिए बनाए गए विशेष केंद्रों के पास अधिकांश संक्रमितों की जानकारी नही होती तथा अधिकांश संक्रमितों का ईलाज ही नही हो पा रहा है। कई मरीजो की मौत तो ईलाज न होने से ही हो रही है। प्रशासन उन मौतों को कोरोना संक्रमितों की मौतों में नही गिनता। परिवारजन भी जांच रिपोर्ट न होने की वजह से यह प्रमाणित नही कर पाते कि मौत कोरोना संक्रमण से ही हुई है।

केंद्र सरकार एवं WHO कोरोना संक्रमण से मरने वालों के परिजनों को आर्थिक सहायता देने के लिए योजना बना रही है। जिसके कारण भाजपा शासित राज्यो में कोरोना से मौतों की संख्या कम बताने का प्रयास किया जा रहा है ताकि हितग्राहियों की संख्या सीमित रहे। प्रशासन के इस आंकड़ेबाजी के घातक खेल को तत्काल उजागर करने की आवश्यकता है। एक मार्च 2021 से अब तक जिन्होंने कोरोना की वजह से अपने परिजनों को खोया है। उनसे आग्रह है कि वे प्रशासन, मीडिया व जनप्रतिनिधियों को इसकी जानकारी जरूर उपलब्ध कराए ताकि आने वाले समय मे उन्हें केंद्र एवं WHO से दी जाने वाली सहायता राशि का लाभ मिल सके ! जुगल शर्मा ने आरोप लगाते हुए कहा कि आज कोरोना की दूसरी लहर पहली से ज्यादा खतरनाक सिद्ध हो रही है और देखा जा रहा कि इससे पूरी तरह निपटने में स्वास्थ्य विभाग नाकाम दिखाई दे रहा है ! जिला चिकित्सालय में कोरोना पीड़ित मरीजो के इलाज में लगने वाला इंजेक्शन रेमडिसवीर नही है इस इंजेक्शन की कमी की जिम्मेदार केंद्र सरकार है जिसने 11 अप्रैल तक इस इंजेक्शन का विदेश में निर्यात करती रही जब देश मे स्थिति पूरी तरह बिगड़ने लगी तब जाकर इसके निर्यात पर रोक लगाई गई है यही हाल कोरोना से इलाज के लिए बनी अन्य दवाइयों व उपकरणों का भी रहा है ! जिनके पास पैसा है जो सम्पन्न है ऐसे लोग ब्लैक में रेमडिसवीर इंजेक्शन लेकर प्राइवेट में अपना इलाज करवा रहे है लेकिन गरीब जनता शासकीय चिकित्सालय की लचर स्वास्थ प्रणाली में इलाज के अभाव में मरने को मजबूर है ! कांग्रेस उपाध्यछ ने जानकारी देते हुए बताया कि स्थिति को देखते हुए ऐसे पीड़ितों को उचित इलाज ,मार्गदर्शन और सहायता हेतु जिला कांग्रेस द्वारा एक 15 सदस्यीय कमेटी बनाई गई है ! लॉक डाउन लगने के कारण वर्तमान में कांग्रेस कार्यालय नही खोला जा रहा है इसीलिए जिले के ऐसे लोग जिन्हें कोरोना संक्रमित होने पर उचित इलाज नही मिल रहा है या फिर जिनका कोविड टेस्ट नही किया जा रहा है या जिन्हें कोविड की निगेटिव या पॉजिटिव रिपोर्ट डिजिटल या कागजी रिपोर्ट के माध्यम से देने में आनाकानी की जा रही है वे उनके मोबाइल नंबर 9425875683 पर संपर्क जरूर करे ताकि समय रहते कोरोना पीड़ितों की मदद की जाए !