आक्सीजन घोटाले का खुलासा करे सरकार: माकपा - Aaj Tak News

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आक्सीजन घोटाले का खुलासा करे सरकार: माकपा

भोपाल से अंकित श्रीवास्तव व सुजीत श्रीवास्तव की रिपोर्ट - 



भोपाल। कोरोना जब पिछले साल से कहीं ज्यादा खतरनाक रूप में प्रदेश को अपनी चपेट में ले रहा है, तब प्रदेश की भाजपा सरकार नागरिकों की जीवन की सुरक्षा करने की बजाय, मरीजों को मौत के मुंह में धकेल कर घोटाले करने में लगी है। यह घोटाले इतनी बेशर्मी के साथ किए जा रहे हैं कि मुख्यमंत्री अपनी ही पार्टी की विधायक और पूर्व स्वास्थ्य मंत्री की बात सुनने और संतोषजनक उत्तर देने के लिये भी तैयार नहीं हैं।




मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव जसविंदर सिंह ने उक्त बयान जारी करते हुए कहा है कि तीन दिन पूर्व एक बैठक में भाजपा विधायक और पूर्व स्वास्थ्य मंत्री अजय विश्रोई ने मुख्यमंत्री से पूछा था कि जब महाराष्ट्र में 457 टन आक्सीजन से 50 हजार मरीजों का इलाज हो सकता है तो फिर मध्यप्रदेश में 732 टन आँक्सीजन कहां गायब हो गई जबकि मरीजों की संख्या महाराष्ट्र की तुलना में दस गुना कम केवल पांच हजार है। जाहिर सी बात है कि आँक्सीजन के नाम पर बहुत बड़ा घोटाला हुआ है। जो सरकार मरीज की सांसों के साथ भी खिलवाड़ कर आँक्सीजन को प्राईवेट हाथों में बेच सकती है, उससे बड़ी जनविरोधी सरकार और कौन सी हो सकती है?




माकपा नेता ने कहा है कि यह अचानक ही नहीं है कि प्रदेश में सैंकड़ों टन आक्सीजन गायब हो जाती है उधर मरीजों की या तो इसकी कमी के कारण मौतें हो रही हैं, या फिर उनके परिजनों को चार गुना महंगी दरों में आँक्सीजन खरीदने पर मजबूर होना पड़ रहा है। वहीं दूसरी ओर रेमेडिसेवर की कालाबाजारी में भी भाजपा का ही एक नेता इंदौर में पकड़ा जाता है।



जसविंदर सिंह ने कहा है कि जनता को राहत देने की बजाय सरकार लोगों को लूटने और आतंकित करने में लगी है। जब मुख्यमंत्री और उनके मंत्री बिना मास्क लगाये हजारों की रैलियां कर रहे हैं, तब पुलिस ने एक सप्ताह के अंंदर ही मास्क न पहनने वाले 64,440 नागरिकों के चालान काट कर 1 करोड़, 78 लाख 61 हजार 476 रुपए का जुर्माना वसूला है।



माकपा नेता ने कहा है कि एक ओर सरकारी अस्पतालों में मरीजों के लिए बैड नहीं हैं, दूसरी ओर प्राईवेट अस्पताल गंभीर मरीज को भर्ती नहीं कर रहे हैं और सामान्य मरीज के इलाज में लाखों रुपए के बिल बना रहें हैं, तब हालत यह है कि राजधानी भोपाल में ही मृतकों के अंतिम संस्कार के लिए आठ आठ घंटे का इंतजार करना पड़ रहा है। ऐसी स्थिति में भी मुख्यमंत्री निश्चित होकर बिना मास्क पहने रैलियां कर रहे हैं, यह जलते हुए रोम पर नीरो के बांसरी बजाने जैसा नहीं तो फिर और क्या है?




मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने तुरंत आक्सीजन और रेमेडिसेवर की व्यवस्था के साथ ही आक्सीजन घोटाले का सच सामने रखने के लिए सरकार को जनता को सच्चाई बताना चाहिए।