किसानों की बैठक सम्पन्न मिट्टी सत्याग्रह यात्रा का शुभारंभ - Aaj Tak News

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किसानों की बैठक सम्पन्न मिट्टी सत्याग्रह यात्रा का शुभारंभ

सिवनी से जुनेद सानी की रिपोर्ट -


किसानों की बैठक सम्पन्न मिट्टी सत्याग्रह यात्रा का शुभारंभ
*सिवनी जिले के 100 गाँव की मिट्टी एकत्र कर दिल्ली बार्डर पर शहीद स्मारक बनाने जाएंगे सिवनी से किसान


सिवनी/ देश भर में चल रहे किसान आंदोलन के समर्थन में गांधी जी द्वारा 91 वर्ष पहले आजादी के आंदोलन के दौरान की गई दांडी यात्रा की स्मृति में 12 मार्च से विभिन्न राज्यों में मिट्टी सत्याग्रह यात्रा निकालकर गांव गांव तक 3 किसान विरोधी कानून तथा सभी कृषि उत्पादों की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद की कानूनी गारंटी ,किसानों के बीच जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से मिट्टी सत्याग्रह यात्रा 30 मार्च से 6 अप्रैल तक निकाली जा चुकी है उक्त यात्रा के दौरान अभी तक 16 राज्यों में मिट्टी इकठ्ठी की जा चुकी है इस मिट्टी से दिल्ली वार्डर पर शहीद स्मारक बनाए जाएंगे।


मिट्टी सत्याग्रह की मुख्य यात्रा 30 मार्च से दांडी के उसी स्थान से शरू हुई जहाँ गांधी जी ने नमक सत्याग्रह किया था जिसमें समाजसेवा के क्षेत्र में कार्य करने वाली कइयों विभूतियों शामिल है।

यात्रियों को दांडी में किसानों द्वारा 100 गाँव की मिट्टी तथा बारदोली में 50 गाँव से लाई गई मिट्टी सौपी गई ।उमराची में यात्रा का स्वागत किया गया।

मध्यप्रदेश से दूसरी यात्रा नर्मदा बचाओ आंदोलन और जनांदोलन के राष्ट्रीय समन्वय की नेत्री मेधा पाटेकर के नेतृत्व में बड़वानी जिले के राजघाट से शुरू की गई ।मिट्टी सत्याग्रह यात्रा में शामिल नर्मदा घाटी के किसान ,मजदूर,मछुआरों के प्रतिनिधि गांधी समाधि ,राजघाट(कुकरा)बड़वानी से रतलाम मंदसौर होकर राजस्थान के डूंगरपुर जाएंगे ।

इसी यात्रा के तारतम्य में आज किसान संघर्ष समिति के प्रदेश सचिव राजकुमार सनोडिया की अध्यक्षता में ,जिला अध्यक्ष रामकुमार सनोडिया के गाँव सरगापुर मे एक किसान भाई के घर सम्पन्न हुई । इसके पहले उक्त यात्रा से संबंधित बैठक ड्रीम लैंड सिटी में पी आर इनवाती के घर मे हुई। मारबोडी की प्रस्तावित बैठक स्थगित की गई ।

बैठक में उपस्थित जनों के यात्रा को विस्तार रूप ,उपलब्ध संसाधनों पर विचार विमर्श के बाद निर्णय लिया कि सिवनी जिले की पावन भूमि से 100 गाँव की मिट्टी एकत्र कर एक प्रतिनिधि मंडल 04 मार्च को निकलेगा जो राजस्थान के डूंगरपुर जाएगा जहाँ पर मध्यप्रदेश के अन्य जिलों की यात्राएँ मिलेगी तथा दिल्ली वॉर्डर (शाहजहांपुर ,टिकरी गाजीपुर,सिंधु)की ओर बढ़ेंगी इसके साथ ही सिवनी के कोविड19 की सुरक्षा को देखते हुए स्थगित आंदोलन को गांव में जारी रखने की सहमति बनी कुछ जागरूक किसानों के मतानुसार किसान ने कोविड जैसी महामारी लॉकडाउन में भी फसल उगाना खेत मे कृषि कार्य नहीं छोड़ा किसान भी एक प्रकार से समाजहित में निरंतर कार्य करते रहा है और करते रहेगा इसी महामारी का फायदा उठाकर तो मोदी सरकार बिषम परिस्थितियों में यह बिल लेकर आई ।किसान तो पहले ही इस बिल के लागू होने से मर गया है सो आंदोलन रोकने का कदम सही नही है किसान खेत में आंदोलन जारी रखेगा जिसके लिए सरगापुर का स्थान भी चयन कर लिया गया ।चूंकि मिट्टी सत्याग्रह यात्रा सम्पन्न होते ही पुनः आंदोलन आगामी अनिश्चित कालीन जब तक माँगे पूरी नही हो जाती तब तक चलेगा और आगामी मई में पुनः किसान पँचायत किसान के खेत मे करेंगे। जिसमें डॉ सुनीलम से दूरभाष चर्चा के बाद सहमति मिल गई है।

उक्त जानकारी अनिश्चित कालीन कोविड 19 के कारण स्थगित किसान आंदोलन के अधिकृत मीडिया प्रभारी राजेश पटेल द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में दी है। राजेश पटेल ने आगे बताया कि उपस्थित राजकुमार सनोडिया ने आज बैठक के दौरान अपने वक्तव्य में डॉ सुनीलम द्वारा जारी सन्देश को पढ़कर सुनाया जिसमे कहां गया है कि मोदी सरकार किसानों की मिट्टी (जमीन)छीनकर अडानी अम्बानी को सौंपना चाहती है इसके खिलाफ यह यात्रा निकाली गई है । किसान आंदोलन के दौरान देश की मिट्टी को बचाने के लिए 318 किसान शहीद हुए हैं शहीद स्मारक बनाकर उन्हें याद करने के लिए यह यात्रा गांधी जी की प्रेरणा से निकाली गई है। यात्रा को उमरांची में गुजरात पुलिस ने रोक दिया ।यात्रियों ने कहा कि मोदी ने गुजरात को पुलिस स्टेट में तब्दील कर दिया है। देश का किसान लोकतंत्र बचाने की लड़ाई को लड़ रहा है।

यात्रा के दौरान जगह जगह के हज़ारों की संख्या में किसान अपने गाँव की मिट्टी यात्रा में शामिल यात्रियों को सौंप रहे व यात्रियों का स्वागत आदर कर रहे यात्रा सरकार पटेल की जन्म स्थली करमसद और साबरमती से निकल चुकी है।