जर्नलिस्ट्स यूनियन ने पत्रकारों को कोरोना योद्धा घोषित करने की अपनी माँग दोहराई - Aaj Tak News

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जर्नलिस्ट्स यूनियन ने पत्रकारों को कोरोना योद्धा घोषित करने की अपनी माँग दोहराई


भोपाल से संतोष जैन की रिपोर्ट -

मुख्यमंत्री को संबोधित पत्र गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को प्रदेशअध्यक्ष डॉ जोशी ने सौपा

भोपाल। प्रदेश में पत्रकारों की कोरोना संक्रमण के कारण हो रही आकस्मिक मौतों ने सभी को चिंता में डाल दिया है । श्रमजीवी पत्रकार जो जनता के हित में जरूरी सूचनाएं प्रसारित करता है। शासन और प्रशासन को भी समय-समय पर वस्तु स्थिति से अवगत कराता है, वे पत्रकार जो जान जोखिम में डालकर दिन-रात महामारी में भी फील्ड में सेवाएं दे रहे है उनकी असमय मौतों ने ये चिंतन गंभीर कर दिया है कि इस आपातकालीन सेवा के सेवक को कोरोना योध्दा घोषित क्यों नहीं किया जा रहा है। मध्य प्रदेश के पत्रकार संगठन जर्नलिस्ट्स यूनियन ऑफ मध्य प्रदेश " जम्प "ने अपनी पुरानी मांग को एक बार फिर से दोहराते हुए कहा हैं कि श्रमजीवी पत्रकारों का कोरोना संक्रमण से सम्बन्धित पूरा इलाज सरकार अपने बजट से करवाये। साथ ही अनहोनी होने पर पत्रकार के परिवार को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाये। राज्य के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को संबोधित एक पत्र प्रदेश के गृह मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा को सौंपा है । जम्प के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. नवीन आनंद जोशी ने जानकारी देते हुए बताया कि कोविड-19 की दूसरी लहर ने कोहराम मचा रखा है ,देश -प्रदेश में सभी तरफ हमारे अपने लोग काल के गाल में समा रहे हैं । मध्य प्रदेश में महीने में लगभग डेढ़ दर्जन से अधिक पत्रकार इसका शिकार बने और असमय ही उनकी मृत्यु हो गई । पत्रकार (प्रिंट एवम इलेक्ट्रॉनिक मीडिया) अनिवार्य सेवाओं की तरह फील्ड में पूरे समय सरकार और समाज के बीच सूचना देने और जन जागृति का काम करता है ऐसे में उसके संक्रमित होने का खतरा ज्यादा होता है।

आपने कहा कि एक श्रमजीवी पत्रकार कम वेतन और अधिक जोखिम के चलते स्वयं और परिवार के सदस्यों को पूरा इलाज इस महामारी में नहीं करवा पा रहा है। इंश्योरेंस में भी सीमाओ का बंधन हैं। ऐसे मे सरकार को और अधिक संवेदनशील होना चाहिए। जल्द से जल्द से जल्द पत्रकारों को कोरोना योध्दा घोषित किया जाए, उसके कोविड संक्रमण का उपचार शासकीय अथवा निजी हास्पिटल में शासन के व्यय से हो। जम्प ने पत्रकारो के हित मे मप्र सरकार से सभी श्रमजीवी पत्रकारों को अविलंब कोरोना योध्दा घोषित करने की अपनी माँग को दोहराया हैं।