आखिर किसकी सह पर नरसिहपुर में फल फुल रहे है झोलाछाप डॉक्टर..? - Aaj Tak News

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आखिर किसकी सह पर नरसिहपुर में फल फुल रहे है झोलाछाप डॉक्टर..?

 

रामकुमार साहू नरसिंहपुर संवाददाता - नरसिहपुर जिले में झोलाछाप डॉक्टरों की भरमार है। आयुर्वेदिक स्वास्थ्य शिविर के नाम से झोलाछाप डॉक्टर मरीजों का इलाज कर रहे हैं। मरीज चाहे उल्टी, दस्त, खांसी, बुखार से पीड़ित हो या फिर अन्य कोई बीमारी से। सभी बीमारियों का इलाज यह झोलाछाप डॉक्टर करने को तैयार हो जाते हैं। खास बात यह है कि  मरीज की हालत बिगड़ती है तो उससे आनन फानन में  शहर के शासकीय अस्पताल या जिला अस्पताल नरसिहपुर भेज दिया जाता है। जबकि यह लापरवाही स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों की जानकारी में भी है।

 क्या है मामला... 

ऐसा ही एक मामला नरसिंहपुर जिले की गाडरवारा तहसील में सामने आया है जहां स्तुति हर्बल मार्केटिंग प्राईवेट लिमिटेड द्वारा गाडावारा में केम्प लगाया गया जिसमें तथा कथित झोला छाप डॉक्टर आशीष श्रीवास्तव द्वारा शिवाजी वार्ड निवासी रुकमणी बाई का सांस फूलने का इलाज किया और अपने पास से रखी कुछ दवाइयां दी गई जिससे तीन-चार दिन सेवन करने से रुकमणी बाई की तबीयत और खराब हो गई जिससे पूरे शरीर में सूजन आ गई जिसका इलाज पीड़िता ने सरकारी अस्पताल गाडावारा में कराया और गाडरवारा अस्पताल से आराम ना लगने पर नरसिहपुर में इलाज करवाया।जिसकी लिखित शिकायत पीड़िता ने प्रभारी सिविल अस्पताल गाडरवारा ओर पुलिस थाना गाडरवारा से की है।

उक्त मामले में जब कंपनी के मेनेजिंग डायरेक्टर सुरज नोरिया से बात की गई तब सुरज ने बताया उनकी कंपनी आयुर्वेदिक दवाईयो की मार्केटिंग करती है जिसके  लिए वो आयुर्वेदिक स्वास्थ्य शिविर लगाते है जिसमे सहयोग राशि के नाम पर 100 रु लिए जाते है और डॉ द्वारा मरीजो का इलाज किया जाता है और दवाइयां दी जाती है।सुरज ने आगे बताया की  रुकमणी बाई हमारे स्वास्थ्य शिविर में 16-01-2021 को अपना स्वास्थ्य परीक्षण कराने आई थी हमारे स्वास्थ्य शिविर में आए डॉक्टर आशीष श्रीवास्तव जीने उनको ट्रीटमेंट किया और दवाइयां लिख कर दी रुकमणी बाई की 4-5 दिन बाद तबीयत खराब हो गई जिसमें रुकमणी बाई ने आरोप लगाया है कि हमारे द्वारा दी गई दवाइयों से रिएक्शन हो गया जिससे मेरे शरीर में सूजन आ गई फिर हमने मरीज का इलाज नरसिंहपुर में कराया।

 इस मामले में गोर किया जाये तो कई सवाल खड़े होते है कि... 

 बिना किसी प्रशासनिक अनुमति के कैसे मार्केटिंग कंपनी स्वास्थ्य शिविर का आयोजन कर सकती है।


♦️क्या स्वास्थ्य शिविर के नाम से कोई भी कंपनी बिना डॉ के लिखे किसी भी मरीज को दवाई दे सकती है।

♦️क्या स्वास्थ्य शिविर में आये डॉक्टर की जांच नही की जानी चाहिए?

♦️क्या कोई डॉक्टर किसी भी मार्केटिंग कंपनी के पर्चे पर बिना साइन किए बिना अपना नाम और रजिस्ट्रेशन नंबर लिखें दवाई दे सकता है?

♦️ आखिर क्यों रुकमणी बाई की शिकायत के बाद भी पुलिस और स्वास्थ्य विभाग ने मार्केटिंग कंपनी स्तुति प्राइवेट लिमिटेड और तथाकथित झोलाछाप डॉक्टर आशीष श्रीवास्तव पर कोई कार्यवाही नहीं की ?

♦️आखिर क्यों तथा कथित झोलाछाप डॉक्टरों पर स्वास्थ्य विभाग कार्यवाही करने से बचता है?

 रुकमणी बाई जैसे ऐसे कितने मरीज हैं जिन्होंने इन झोलाछाप डॉक्टर्स और स्तुति हर्बल मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड जैसी कंपनियों के झांसे में आ कर अपनी जान जोखिम में डाल चुके है? 

 आयुर्वेदिक दवाइयों की मार्केटिंग के नाम पर स्तुति मार्केटिंग कंपनी प्राईवेट कंपनी कई स्वास्थ्य शिविर लगाती है इसकी जानकारी ना तो जिला प्रशासन को होती है और ना ही स्वास्थ्य विभाग को।