हत्या के प्रकरण में फरार 5 हजार रूपये का ईनामी आरोपी बांदा से गिरफ्तार - Aaj Tak News

Breaking

आज तक 24x7 वेब न्यूज़ व्यूअर से अनुरोध करता है कि आप अपने सुझाव हम तक जरूर भेजें.. ताकि आने वाले समय मे हम आपकी मदद से और भी बेहतर कार्य कर सकें... साथ ही यदि आपको लेख अच्छा लगे तो इसे औरों तक भी पहुंचाए.. प्रकाशन हेतु ख़बरें, विज्ञप्ति मोबाइल- 9406763885 पर व्हाट्सएप्प करें....भारत के समस्‍त प्रदेशों में स्‍टेट ब्‍यूरों, संभाग ब्‍यूरों , जिला ब्‍यूरों, तहसील ब्‍यूरों और ग्राम स्तर पर संवाददाता की आवश्यकता है

हत्या के प्रकरण में फरार 5 हजार रूपये का ईनामी आरोपी बांदा से गिरफ्तार

जबलपुर से (बादल पटेल की रिपोर्ट) - थाना कैंट अंतर्गत दिनाॅक 21/22-1-21 को मुर्गी मैदान पर अरविन्द उर्फ मंकी राजपूत उम्र 49 वर्ष निवासी घमापुर  जो कि नगर निगम में डाक रनर (चपरासी ) के पद पर कार्यरत था की पत्थर पटक कर हत्या कर दी गयी थी। रिपोर्ट पर थाना कैंट में अज्ञात आरोपी के विरूद्ध 28/21 धारा 302,120 बी भा.द.वि. आपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया था।

                पुलिस अधीक्षक जबलपुर श्री सिद्धार्थ बहुगुणा (भा.पु.से.) द्वारा अज्ञात आरोपी की पतासाजी के सम्बंध में आवश्यक दिशा निर्देश देते हुये शीघ्र गिरफ्तारी हेतु आदेशित किये जाने पर अति. पुलिस अधीक्षक शहर दक्षिण/अपराध श्री गोपाल खाण्डेल एवं नगर पुलिस अधीक्षक कैंट श्रीमति भावना मरावी के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी कैंट श्री विजय तिवारी के नेतृत्व में टीम गठित कर लगायी गयी।

                  गठित टीम के द्वारा दौरान विवेचना पर मृतक की पत्नी मनीषा उर्फ बबली का अपने रिश्तेदार भाई प्रदीप उर्फ विक्की पण्डा पिता स्वं0 लखन सिंह ठाकुर निवासी -उपहार अपार्टमेन्ट सिविल लाईन तथा खेमचन्द उर्फ टिंकु उर्फ राज पिता देवी चरण यादव निवासी ग्राम बेनीपुर थाना गौरिहार जिला छतरपुर से लगातार सम्पर्क होना पाया गया।

                  सन्देही मृतक की पत्नी मनीषा उर्फ बबली एवं प्रदीप उर्फ विक्की पण्डा को अभिरक्षा में लेकर सघन पूछताछ की गई तो पाया गया कि मृतक की पत्नि मनीषा के खेमचंद के साथ प्रेम सम्बंध थे, खेमचंद बेरोजगार है, मनीषा राजपूत का सोचना था कि पति अरविंद को यदि रास्ते से हटा दिया जाये तो पति अरविंद के मरने के बाद उसे अनुकंपा नियुक्ति मिल जायेगी, और वह अपने प्रेमी खेमचंद के साथ रहने लगेगी।

                      मनीषा राजपूत ने अपने रिश्ते के भाई प्रदीप पण्डा एवं अपने प्रेमी खेमचंद से बात करते हुये खेमचंद को जबलपुर बुलवाया, चर्चा के अनुसार खेमचंद दिनाॅक 21-1-21 को सुबह 8 बजे ट्रेन से मुख्य स्टेशन पहुंचा एवं दोपहर में  मनीषा राजपूत, खेमचंद एवं प्रदीप पण्डा टेगौर गार्डन में  मिले, चर्चा के दौरान प्रसाद में जहर देकर अरविंद को मारने की बात की तो पण्डा ने एतराज किया कि प्रसाद और भी लोग मांगने लगते हैं, तो शराब पिलाकर मारने की योजना बनाई, तभी प्रदीप के मोबाईल पर फोन आया तो प्रदीप  पण्डा मांग कर लाया हुआ मोबाईल वापस करने चला गया, गार्डन से मनीषा राजपूत एवं खेमचंद रिक्शे मे बैठकर रेल्वे स्टेशन पहुंचे, रेल्वे स्टेशन से मनीषा ने अपने पति अरविंद को फोन लगाकर कहा कि खेमचंद आया हुआ है, स्टेशन पर है, जाकर मिल लो, रात की ट्रेन से वापस चला जायेगा तो अरविंद राजपूत नगर निगम का काम निपटाने के बाद शाम लगभग 5 बजे स्टेशन जा कर खेमचंद से मिला, बातचीत के दौरान खेमचंद ने योजना के अनुसार शराब पीने की बात की तो अरविंद आटो मे बैठकर सदर ले गया तथा सदर मे पैदल घूमते हुये दोनों ने खाने-पीने का सामान एवं शराब खरीदी तथा शाम लगभग 6-30 बजे मुर्गी ग्राउंड पहुंचे जहाॅ दोनों ने बैठकर शराब पी, अरविंद नशे में हो गया तो, शाम लगभग 7-30 बजे खेमचंद ने पत्थर पटक कर अरविंद की हत्या कर दी और फोन कर अपनी प्रेमिका मनीषा को बताया कि मैने अरविंद को मार दिया है, बताने के बाद खेमचंद सीधे स्टेशन पहुंचा तथा रात लगभग 8-45 बजे चित्रकूट एक्सप्रेस में बैठकर भाग गया।

              उल्लेखनीय है कि मनीषा राजपूत की खेमचंद से फेसबुक पर दोस्ती हुई थी, दोनो की मोबाईल पर बातचीत होने लगी और दोनो एक दूसरे से मिलने लगे, मनीषा ने अपने पति अरविंद को खेमचंद के सम्बंध में बताया कि खेमचंद उर्फ राज रिश्ते मे उसका दूर का जीजा लगता है, जिस कारण खेमचंद का अरविंद के घर पर आना जाना होने लगा था।  

               मृतक की पत्नी मनीषा उर्फ बबली एवं प्रदीप उर्फ विक्की पण्डा को प्रकरण में विधिवत गिरफ्तार कर मान्नीय न्यायालय के समक्ष पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया था। खेमचंद उर्फ राज फरार था जिसकी गिरफतारी  पर पुलिस अधीक्षक  जबलपुर  द्वारा  5000 रूपये का ईनाम उद्घेाषित किया गया था।

               गठित टीम द्वारा पतासाजी करने पर खेमचंद के रिश्तेदारी मे बंादा मे होने की जानकारी लगने पर टीम बांदा भेजी गयी, टीम द्वारा बांदा में पतासाजी करते हुये खेमचंद पिता देवी चरण यादव उम्र 26 वर्ष  निवासी ग्राम बेनीपुर थाना गौरिहार जिला छतरपुर को घेराबंदी कर पकडा गया, एवं जबलपुर थाना कैंट लाया गया गया एवं प्रकरण में विधिवत गिरफ्तार कर विधिवत गिरफ्तार कर मान्नीय न्यायालय के समक्ष पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया

                          हत्या के प्रकरण में फरार 5 हजार रूपये के ईनामी उद्घोषित मुख्य आरोपी की गिरफतारी में थाना प्रभारी केैन्ट विजय तिवारी एवं उप निरीक्षक कन्हैया चतुर्वेदी, जया तिवारी, आरक्षक खेमचन्द प्रजापति,  अजीत सिह, साईबर सेल के आरक्षक नवनीत चक्रवती की सराहनीय भूमिका रही।