सुप्रीम कोर्ट पहुंचा भारतीय किसान यूनियन, कहा- निजीकरण की ओर धकेल रही सरकार - Aaj Tak News

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सुप्रीम कोर्ट पहुंचा भारतीय किसान यूनियन, कहा- निजीकरण की ओर धकेल रही सरकार

संतोष जैन नई दिल्ली. पिछले कई दिनों से कृषि कानूनों को लेकर किसानों ने राजधानी दिल्ली को घेर रखा है. केंद्र से कई दौर की बातचीत के बाद भी कोई सहमति नहीं बन सकी है. किसान कानूनों को रद करने की मांग कर रहे हैं, जबकि सरकार का कहना है कि बिल में संशोधन संभव है, इसे रद्द नहीं किया जा सकता. अब इसको सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया है. भारतीय किसान यूनियन ने तीनों विवादित कानूनों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है. एक याचिका दायर कर भाकियू ने तीनों कृषि बिलों को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है. याचिका में दावा किया है कि नए कृषि कानून इस क्षेत्र को निजीकरण की ओर धकेल रहे हैं. केंद्र द्वारा पारित किए गए तीन कृषि कानूनों के खिलाफ अभी भी किसान और सरकार आमने सामने हैं. किसान इस बात को लेकर अडिग हैं कि सरकार समूचा कानून को ही वापस ले तो वहीं सरकार का कहना है कि कानून वापस नहीं ले सकते लेकिन संशोधन जरूर कर सकते हैं. कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने भी फिर वार्ता जारी रहने की बात को दोहराया है. हालांकि, पहले कई दौर की वार्ता बेनतीजा रही है. अब जहां किसानों द्वारा सुप्रीम कोर्ट का भी दरवाजा खटाखटा दिया गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को ट्वीट करते हुए कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर द्वारा हाल ही में किसान आंदोलन के मामले में की गई प्रेस कॉन्फ्रेंस का जिक्र किया और लोगों से उन्हें सुनने की अपील की. प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा, मंत्रिमंडल के मेरे दो सहयोगी नरेंद्र सिंह तोमर जी और पीयूष गोयल जी ने नए कृषि कानूनों और किसानों की मांगों को लेकर विस्तार से बात की है. इसे जरूर सुनें. वहीं किसानों ने गुरुवार को कहा था कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे रेल पटरियां अवरुद्ध कर देंगे और इसे लेकर जल्द ही तारीख का ऐलान करेंगे. सिंघू बॉर्डर पर मीडिया से बातचीत में किसान संघों ने कहा कि वे विरोध-प्रदर्शन को तेज करेंगे और राष्ट्रीय राजधानी की ओर जाने वाले सभी राजमार्गों को जाम करना शुरू करेंगे
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