वेटरनरी विश्वविद्यालय में अनुसंधान का काम तो तेजी से शुरू हो गया लेकिन उपकरण नहीं हैं। अब विवि उपकरण खरीदने की तैयारी कर रहा है। - Aaj Tak News

Breaking

आज तक 24x7 वेब न्यूज़ व्यूअर से अनुरोध करता है कि आप अपने सुझाव हम तक जरूर भेजें.. ताकि आने वाले समय मे हम आपकी मदद से और भी बेहतर कार्य कर सकें... साथ ही यदि आपको लेख अच्छा लगे तो इसे औरों तक भी पहुंचाए.. प्रकाशन हेतु ख़बरें, विज्ञप्ति मोबाइल- 9406763885 पर व्हाट्सएप्प करें....भारत के समस्‍त प्रदेशों में स्‍टेट ब्‍यूरों, संभाग ब्‍यूरों , जिला ब्‍यूरों, तहसील ब्‍यूरों और ग्राम स्तर पर संवाददाता की आवश्यकता है

वेटरनरी विश्वविद्यालय में अनुसंधान का काम तो तेजी से शुरू हो गया लेकिन उपकरण नहीं हैं। अब विवि उपकरण खरीदने की तैयारी कर रहा है।

संतोष जैन जबलपुर -वेटरनरी विश्वविद्यालय में अनुसंधान का काम तेज हो गया है, लेकिन अधिकांश काम उपकरण न होने की वजह से रूका हुआ है। अब इस समस्या का समाधान करने के लिए वेटरनरी विवि प्रशासन ने उपकरण खरीदने की तैयारी की है। विवि ने सभी प्रोजेक्ट का अध्ययन कर उनके प्रभारियों से उपकरण की जानकारी मांग है। इसके बाद वह संबंधित उपकरण से जुड़ी कंपनियों से खरीदारी करने के लिए टेंडर जारी करने जा रहा है। हालांकि इससे पहले टेंडर पूर्व प्रक्रिया करने अधारताल स्थित विवि के कुलपति भवन में बैठक हुई, जिसमें विवि के सभी डीन और डायरेक्टर उपस्थित रहे। नए प्रोजेक्ट, नए उपकरण: विवि को इस बार 7 से 8 नए बड़े प्रोजेक्ट मिले हैं। यह प्रोजेक्ट भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद से लेकर मंडी बोर्ड तक के हैं। अब इन प्रोजेक्ट पर शोध कार्य करने के लिए सभी प्रोजेक्ट प्रभारियों से उपकरण खरीदने की जानकारी मांगी है। हालांकि पहले से चल रहे प्रोजेक्ट के उपकरण विवि के पास हैं, लेकिन इनमें से कुछ पुराने हो चुके हैं और कुछ खराब गुणवत्ता वाले लेने से अब वे काम के नहीं रहे। हालांकि कुलपति प्रो.एसपी तिवारी के निर्देश के बाद उपकरण खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने कई बड़े बदलाव कर दिए गए हैं। कंपनियां काम रहीं प्रोफेसर के चक्कर: सूत्रों के मुताबिक प्रोजेक्ट में आए बजट से उपकरण खरीदने के लिए तैयारी हो गई है। इधर उपकरण बेचने वाली कंपनी के एजेंट भी इन दिनों जबलपुर, महू और रीवा वेटरनरी महाविद्यालय के चक्कर लगाने लगे हैं। ------------ नियम के मुताबिक ही टेंडर प्रक्रिया की जाएगी। प्रोजेक्ट में जो उपकरण चाहिए, वह गुणवत्तापूर्ण हो, इसका ध्यान रखने निर्देश दिए गए हैं। यदि कहीं गड़बड़ी सामने आती है तो संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई भी की जाएगी।- प्रो.एसपी तिवारी, कुलपति, वेटरनरी विवि, जबलपुर