एमपी के जबलपुर सहित कई शहरों में डीजीआर सोसायटी ने की ग्राहकों से 50 लाख रुपए की ठगी - Aaj Tak News

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एमपी के जबलपुर सहित कई शहरों में डीजीआर सोसायटी ने की ग्राहकों से 50 लाख रुपए की ठगी

संतोष जैन जबलपुर. मध्यप्रदेश के जबलपुर सहित कई शहरों में डीजीआर क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसायटी लिमिटेड ने ग्राहकों को निवेश करने पर अधिक ब्याज का लालच देकर 50 लाख रुपए की ठगी की, इस मामले की शिकायत होने पर जांच करते हुए राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) ने जांच करते हुए संस्थापक व सह डायरेक्टर के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया है. बताया गया है कि वर्ष 2012 में भोपाल में प्रीमियम टॉवर के समीप रहने वाले उमेश गुप्ता ने 16 अक्टूबर 2012 में डीजीआर क्रे डिट को-आपरेटिव सोसायटी लिमिटेड के नाम से एक फर्म का रजिस्टे्रशन कराया, जिसमें अविनाश चौधरी निवासी सैनिक सोसायटी गुप्तेश्वर वार्ड को सह-डायरेक्टर व जबलपुर का जोनल मैनेजर बनाया. इसके बाद भोपाल, जबलपुर, सतना, सीधी, रीवा, मऊगंज सहित अन्य शहरों में अपने ब्रांच खोले, जिसमें लोगों को निवेश करने पर अधिक ब्याज देने का लालच देकर रुपए जमा कराना शुरु कर दिए. एफडी, फिक्स डिपाजिट, एमआईएस, मंथली इनकम स्कीम व आरडी में रुपए निवेश कराने के बाद शुरुआत में तो लोगों को रुपए लौटाए गए, जिसे देखते हुए ग्राहकों की संख्या में वृद्धि होती चली गई, सोसायटी में जब अधिक रुपया जमा हो गया तो वर्ष 2017 में सोसायटी अचानक बंद कर दी गई, जब ग्राहक अपनी मैच्योरिटी होने पर रुपया लेने के
लिए पहुंचे तो आफिस में ताला लगा मिला, जिससे ग्राहकों में हड़कम्प मच गया, दो वर्ष तक अपना रुपया पाने के लिए लोग कंपनी के चक्कर लगाते रहे, अधिकारियों के बारे में जानकारी हासिल करते रहे, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ, अपना रुपया डूबता नजर आने पर जबलपुर के 18 पीडि़तों ने ईओडब्ल्यू में दर्ज कराई, जिसपर जांच की तो पाया गया कि कंपनी ने तीनों स्कीमों के नाम पर ग्राहकों के साथ करीब 50 लाख रुपए की ठगी की है, जिसपर धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज कर लिया गया. जबलपुर में इनके साथ हुई है ठगी- बताया गया है कि जबलपुर में मधु वाजपेयी, आशीष मित्रा, खुशाल पांडुरंग रंगारी, उनकी पत्नी मीना रंगारी, सायमन कुजूर, मेघा जैन, शेख करीम, विवेकानंद मरकाम, प्रद्युत राय, चंद्रप्रकाश गुप्ता, रामनाथ बर्मन, कल्लू तिवारी, उनकी पत्नी रुक्मणि तिवारी, रतना चक्रवर्ती, उनके पति अजीत कुमार चक्रवर्ती, संतोष कुमार सिंगरौल, उनके पिता विजय सिंह सिंगरौल और हरमीत कौर भाटिया ने एफडी में 21 लाख 8 हजार 273 रुपए, आरडी में 12 लाख एक हजार 200 रुपए और एमआईएस में 16 लाख रुपए जमा किए थे. ग्राहकों के मूल दस्तावेज तक रख लिए गए- बताया गया है कि डीजीआर सोसायटी के संचालक व सह संचालक ने कई निवेशकों के मूल दस्तावेज व मूल पासबुक मैच्योरिटी व इंट्री कराने के नाम पर अपने पास रख ली, इसके बाद निवेशकों को वापस ही नही किया गया, यहां तक कि सोसायटी का पता भी बिना किसी को सूचना दिए बदल दिया गया. अन्य जिलों में भी की गई है लाखों रुपए की ठगी- इस मामले में ईओडब्ल्यू एसपी देवेन्द्रसिंह राजपूत का कहना है कि सोसायटी का भोपाल सहित अन्य शहरों में भी नेटवर्क है, जहां पर आफिस खोलकर कई लोगों से रुपया निवेश कराया गया है, उनके भी रुपए नहीं लौटाए गए है.